केस कोर्ट में है सरकार अपना कार्य कर रही है इधर सरकार ने कोर्ट से जमीन मांगी मन्दिर निर्माण के लिए
तुरंत उधर से 21 फरवरी को राम मंदिर निर्माण का ऐलान होता है जबकि ये ऐलान न तो धर्म संसद (VHP) ने किया, न rss ने किया, न बजरंग दल ने किया और न ही सरकार या कोर्ट ने इसका आदेश दिया है
1 धर्म संसद 2 परम धर्म संसद
ये 2 परम धर्म संसद जिसने ये ऐलान किया है
उसकी नियत में मुझे खोट लगती है कही ये कोई विशेष षड्यन्त्र तो रचा नही जा रहा
21 फरवरी की तारीख देश में दंगा भड़काने के लिए कांग्रेस के एजेंटों ने तय की है राम मंदिर के लिए,,,
सावधान रहिए क्योंकि अगर कुछ भी जबरदस्ती हुआ उसको सरकार को रोकना पड़ेगा और अगर सरकार रोकेगी तो लोग सोचेंगे भारतीय जनता पार्टी ने रोक दिया,, कोर्ट में केस है ,,
संविधान का पालन करें,,, संविधान का पालन नहीं हुआ इसलिए कल्याण सिंह जी को भी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था
"धर्म संसद" और "परम धर्म संसद" 2 अलग अलग संस्थाएं हैं, कृपया भ्रमित होने से बचें, जहाँ "धर्म संसद" VHP यानि विश्व हिंदू परिषद् की है वहीँ, "परम धर्म संसद" स्वामी स्वरूपानंद की है जो की कोंग्रेसी एजेंट की तरह काम करते हैं, बहुत चालाकी के साथ मिलता जुलता नाम रखा गया है !
जिस प्रकार देश को नकली गाँधी से भ्रमित किया जा रहा है उसी प्रकार "धर्म संसद" के नाम पर "परम धर्म संसद" के नाम से भ्रमित करने का कुत्सित प्रयास हो रहा है, इनका मुख्य उदेश है आपक्को भ्रमित कर के देश में उन्माद फैलाना और मोदी सर्कार को बदनमाम करना, ये हमारे लोग नहीं हैं, हमारे लोग विश्व हिन्दू परिषद् वाले हैं जिनकी धर्म संसद प्रयागराज कुम्भ में 30 और 31 तारीख को होनी है वो भी विश्व हिन्दू परिषद् के परिसर में, बाकि सभी धर्म संसदें फ़र्ज़ी हैं !
देश में बहुत बड़ी और गहरी साजिश चल रही है, आप सब को पहले से आगाह क्र रहा हूँ इन सब लोगो से बच क्र रहिये, खान्ग्रेसी आपके आंदोलनों को हाईजैक करने के प्रयास में हैं और फिर ये उन्ही आंदोलनों के नाम पर देश में दंगा फैलाया जायेगा हिन्दुओ को बदनाम किया जायेगा और मोदी के प्रति आपके मन में नफरत भरी जाएगी, इस लिए सावधान हो जाइये मित्रों !
देश के लिए थोड़ी मेहनत करें,, इस समाचार को शेयर भी करें
तुरंत उधर से 21 फरवरी को राम मंदिर निर्माण का ऐलान होता है जबकि ये ऐलान न तो धर्म संसद (VHP) ने किया, न rss ने किया, न बजरंग दल ने किया और न ही सरकार या कोर्ट ने इसका आदेश दिया है
फिर ये ऐलान किसने किया
असल मे धर्म संसद के नाम पर 2 संगठन हैं1 धर्म संसद 2 परम धर्म संसद
ये 2 परम धर्म संसद जिसने ये ऐलान किया है
उसकी नियत में मुझे खोट लगती है कही ये कोई विशेष षड्यन्त्र तो रचा नही जा रहा
21 फरवरी की तारीख देश में दंगा भड़काने के लिए कांग्रेस के एजेंटों ने तय की है राम मंदिर के लिए,,,
सावधान रहिए क्योंकि अगर कुछ भी जबरदस्ती हुआ उसको सरकार को रोकना पड़ेगा और अगर सरकार रोकेगी तो लोग सोचेंगे भारतीय जनता पार्टी ने रोक दिया,, कोर्ट में केस है ,,
संविधान का पालन करें,,, संविधान का पालन नहीं हुआ इसलिए कल्याण सिंह जी को भी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था
"धर्म संसद" और "परम धर्म संसद" 2 अलग अलग संस्थाएं हैं, कृपया भ्रमित होने से बचें, जहाँ "धर्म संसद" VHP यानि विश्व हिंदू परिषद् की है वहीँ, "परम धर्म संसद" स्वामी स्वरूपानंद की है जो की कोंग्रेसी एजेंट की तरह काम करते हैं, बहुत चालाकी के साथ मिलता जुलता नाम रखा गया है !
जिस प्रकार देश को नकली गाँधी से भ्रमित किया जा रहा है उसी प्रकार "धर्म संसद" के नाम पर "परम धर्म संसद" के नाम से भ्रमित करने का कुत्सित प्रयास हो रहा है, इनका मुख्य उदेश है आपक्को भ्रमित कर के देश में उन्माद फैलाना और मोदी सर्कार को बदनमाम करना, ये हमारे लोग नहीं हैं, हमारे लोग विश्व हिन्दू परिषद् वाले हैं जिनकी धर्म संसद प्रयागराज कुम्भ में 30 और 31 तारीख को होनी है वो भी विश्व हिन्दू परिषद् के परिसर में, बाकि सभी धर्म संसदें फ़र्ज़ी हैं !
देश में बहुत बड़ी और गहरी साजिश चल रही है, आप सब को पहले से आगाह क्र रहा हूँ इन सब लोगो से बच क्र रहिये, खान्ग्रेसी आपके आंदोलनों को हाईजैक करने के प्रयास में हैं और फिर ये उन्ही आंदोलनों के नाम पर देश में दंगा फैलाया जायेगा हिन्दुओ को बदनाम किया जायेगा और मोदी के प्रति आपके मन में नफरत भरी जाएगी, इस लिए सावधान हो जाइये मित्रों !
देश के लिए थोड़ी मेहनत करें,, इस समाचार को शेयर भी करें







0 comments:
Post a Comment