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Thursday, 31 January 2019

न जाने क्यों मुझे 21 फरवरी को राम मंदिर निर्माण का ऐलान को लेकर किस विशेष साजिश की बू आ रही है

केस कोर्ट में है सरकार अपना कार्य कर रही है इधर सरकार ने कोर्ट से जमीन मांगी मन्दिर निर्माण के लिए
तुरंत उधर से 21 फरवरी को राम मंदिर निर्माण का ऐलान होता है  जबकि ये ऐलान न तो धर्म संसद (VHP) ने किया, न rss ने किया, न बजरंग दल ने किया और न ही सरकार या कोर्ट ने इसका आदेश दिया है

21 फरवरी को राम मंदिर निर्माण

फिर ये ऐलान किसने किया

असल मे धर्म संसद के नाम पर 2 संगठन हैं
1 धर्म संसद  2 परम धर्म संसद
ये 2 परम धर्म संसद  जिसने ये ऐलान किया है
उसकी नियत में मुझे खोट लगती है  कही ये कोई विशेष षड्यन्त्र तो रचा नही जा रहा

21 फरवरी की तारीख देश में दंगा भड़काने के लिए कांग्रेस के एजेंटों ने तय की है राम मंदिर के लिए,,,

 सावधान रहिए क्योंकि अगर कुछ भी जबरदस्ती हुआ उसको सरकार को रोकना पड़ेगा और अगर सरकार रोकेगी तो लोग सोचेंगे भारतीय जनता पार्टी ने रोक दिया,, कोर्ट में केस है ,,

 संविधान का पालन करें,,, संविधान का पालन नहीं हुआ इसलिए कल्याण सिंह जी को भी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था

"धर्म संसद" और "परम धर्म संसद" 2 अलग अलग संस्थाएं हैं, कृपया भ्रमित होने से बचें, जहाँ "धर्म संसद" VHP यानि विश्व हिंदू परिषद् की है वहीँ, "परम धर्म संसद" स्वामी स्वरूपानंद की है जो की कोंग्रेसी एजेंट की तरह काम करते हैं, बहुत चालाकी के साथ मिलता जुलता नाम रखा गया है !

जिस प्रकार देश को नकली गाँधी से भ्रमित किया जा रहा है उसी प्रकार "धर्म संसद" के नाम पर "परम धर्म संसद" के नाम से भ्रमित करने का कुत्सित प्रयास हो रहा है, इनका मुख्य उदेश है आपक्को भ्रमित कर के देश में उन्माद फैलाना और मोदी सर्कार को बदनमाम करना, ये हमारे लोग नहीं हैं, हमारे लोग विश्व हिन्दू परिषद् वाले हैं जिनकी धर्म संसद प्रयागराज कुम्भ में 30 और 31 तारीख को होनी है वो भी विश्व हिन्दू परिषद् के परिसर में, बाकि सभी धर्म संसदें फ़र्ज़ी हैं !

देश में बहुत बड़ी और गहरी साजिश चल रही है, आप सब को पहले से आगाह क्र रहा हूँ इन सब लोगो से बच क्र रहिये, खान्ग्रेसी आपके आंदोलनों को हाईजैक करने के प्रयास में हैं और फिर ये उन्ही आंदोलनों के नाम पर देश में दंगा फैलाया जायेगा हिन्दुओ को बदनाम किया जायेगा और मोदी के प्रति आपके मन में नफरत भरी जाएगी, इस लिए सावधान हो जाइये मित्रों !
देश के लिए थोड़ी मेहनत करें,, इस समाचार को शेयर भी करें

Saturday, 26 January 2019

यदि ईश्वर या आत्मा स्वयं कर्म नहीं करता, तो फिर कर्म कौन करता है ?

हमें जानना जरूरी है कि यदि ईश्वर या आत्मा स्वयं कर्म नहीं करता, तो फिर कर्म कौन करता है? 

अगर गीता को पढें तो अध्याय चौदह व अट्ठारह में इसका उल्लेख किया गया है, कि कर्म करने के पॉच कारण हैं, जिनमें आत्मा स्वयं कर्म नहीं करता है।

यदि ईश्वर या आत्मा स्वयं कर्म नहीं करता, तो फिर कर्म कौन करता है ?

पहला कारण शरीर है जो कर्म करता है, दूसरा कारण कर्मेंन्द्रियॉ हैं, जिनकी सहायता से शरीर कर्म करता है, तीसरा कारण जीवात्मा है, वही कर्ता है। चौथा प्रॉण वायु है जो क्रिया का करण है, और पॉचवॉ देव है जो इन सबका अधिष्ठाता है, ये सारे आत्मा के प्रकाश से कार्य करते हैं, स्वयं आत्मा कोई कार्य नहीं करता है।

प्रकृति के सत्व, रज तथा तमोगुण ही उसे कर्म करने के लिए वाध्य करते हैं, वह उनके अधीन रहकर ही कर्म करता है, वह स्वतंत्र नहीं है, अच्छे कर्मों से बुरे कर्मों को काटा नहीं जा सकता है, दोनों कर्मों का फल भोगना होता है, अगर चोरी कर दी, तो दान करने से चोरी के अपराध से बचा नहीं जा सकता है, जब तक अच्छाई नहीं लाई जाएगी तबतक बुराई को हटाया नहीं जा सकता है, दीपक जलाने से ही अन्धकार मिटेगा, उसे सीधा हटाया नहीं जा सकता है ।

सृष्टि के कण-कण में व्याप्त जो चेतन सत्ता है वही ईश्वर का निवास स्थान है, उस ईश्वरीय विधान से बचने का कोई उपाय नहीं है, कर्मफल तो भोगना ही पडता है, शास्त्रों के अनुसार कर्म करते रहना ही इनसे मुक्ति का एक मात्र उपाय है, मनुष्य के सत्व, रज व तम गुंण के यही तो लक्षण हैं-  सत्व गुंणसे ज्ञान होता है, रजोगुण से क्रिया होती है, तथा तमोगुँण से मूढता, अज्ञान, जडता, आलस्य, प्रमाद होता है।

सदाचार और सद्कर्म अपने शास्त्रों के अनुसार, अपने धर्म ग्रन्थों में जो विधि निषेध के नियम बताये गये हैं उन्के अनुसार आचरण और व्यवहार करना उत्तम है, जो धर्म तत्व की बात नहीं जानता और शास्त्रों का भी अध्ययन नहीं किया उसे किस प्रकार का जीवन जीना चाहिये? अपने द्वारा किसी को कष्ट न देना, तथा सदा दूसरे के भले के लिये ही कर्म करना यही तो जीवन का सद्मार्ग है, और यही परम धर्म भी है।

केवल दूसरों को कष्ट न दें,क्या यह प्रयाप्त नहीं है? इससे पाप से तो बच जायेंगे किन्तु पुण्य का लाभ नहीं मिल सकता, दूसरों का भला करने की भावना से बुराई से अपने आप बच सकते हैं, क्योंकि यदि कोई भूख या बीमारी आदि से तडफ रहा हो तो यह कह देना कि हमने थोडे ही किया है, यह तो अपने कर्मों का फल भोग रहा है, ऐसा कहकर उसकी सहायता न करना मानवीय दृष्टि नहीं है, क्योंकि कुछ सम्प्रदाय ऐसी ही गलत मान्यतायें रखते हैं।

अहिंसा पालन का फल होता है एक भाव, जो मुझे कोई गलत काम न करवा दें अपने जीवन में खुद हिंसा नहीं करने और दूसरे को इसकी जानकारी देने से लोगों को एक अध्यात्म स्वार्थ आनी चाहिये, उसे अपनी ही चिंता अधिक रहती है कि मेरे से पाप कर्म न हो, लेकिन अहिंसा से  दूसरों का भला भी  करना चाहिये, जो आत्मज्ञान की साधना नहीं कर सकता उसे इसी प्रकार का जीवन जीना चाहिये? उसे तो सदाचार और सेवा धर्म को अपनाना चाहिये।

भारत में मोक्ष और मुक्ति प्राप्ति को ही जीवन का अन्तिम लक्ष्य माना जाता है ऐसा क्यों? क्योंकि मोक्ष प्राप्ति तो इस जीव चेतना की अन्तिम स्थिति है, जहॉ से आरम्भ हुआ है वहीं पहुंच जाना है, यदि कोई गृहस्थ में रहकर भी कामना, वासना, आसक्ति, मोह, ममता मोह का त्याग कर सकता है तो विधिवत् सन्यास की कोई आवश्यकता नहीं है, वह सन्यास ही है, लेकिन ऐसा सन्यास सामान्यतः सम्भव नहीं है, काजल की कोठरी में रहने पर कालिख
से कोई बच नहीं सकता ।

सन्यास का अर्थ यह नहीं है कि अपना घर-बार छोडकर जंगल चले जाना, और भगवा वस्त्र पहनना, यह सन्यास नहीं है, बल्कि सॉसारिक भोगों के प्रति आसक्ति का त्याग एवं फल की इच्छा का त्याग ही सन्यास है, गुरु चरणों की सेवा से ही, सत् गुरु  की महिमा से ही इस मुकाम तक पहुंच सकते हैं क्योंकि गुरुदेव और गुरु की महिमा अपरम्पार है, जो अज्ञान रूपी अन्धकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश देता है, वही गुरु है।

गुरु ही वास्तविकता का ज्ञान कराता है, और गुरु ही शिष्य को ईश्वर तत्व प्रदान करता है, इसलिये गुरुदेव को ईश्वर से भी ऊंचा स्थान दिया गया है, गुरु और शिक्षक में यही तो अन्तर है, शिक्षक मात्र ज्ञान दाता है, लेकिन गुरु तो शिष्य को पूर्ण रूपान्तरण कर देता है, उसे नया ही रूप दे देता है, वह तो मुक्ति दाता है, गुरु को कौई भी कभी किसी परिभाषा में नहीं बांध सकता, जो स्वयं ब्रह्मज्ञानी है, वही सच्चा गुरु है।

ज्ञान तो चेतनाशक्ति आत्मा का गुंण है, जड पदार्थों में ज्ञान नहीं होता, आत्मा तो सबमें है फिर अज्ञान किससे होता है? अहंकार के कारण उस चेतन आत्मा के ज्ञान के अभाव में प्रकृति को ही ज्ञान का स्वरूप मान लेना यही अज्ञान है, आत्मा और शरीर तो सबके एक से हैं फिर सभी के व्यक्तित्व भिन्न-भिन्न क्यों होते हैं?

क्योंकि, यह त्रिगुणॉत्मक प्रकृति पूर्व जन्मों के संस्कार तथा वातावरण मिलकर उसके व्यक्तित्व में भिन्नता पैदा करते हैं, इस त्रिगुणॉत्मक प्रकृति से मनुष्य का स्वभाव बनता है, आध्यात्मा इस चेतन शक्ति का विज्ञान है, तथा धर्म उस चेतना की अनुभूति का साधन है, और धर्म के विना चेतना का अनुभव नहीं हो सकता है, अभी में आपको छोटी-छोटी जानकारी दे रहा हूं,  यही छोटी-छोटी बातें आध्यात्मिक उन्नति के लिये बहुत जरूरी है।

धर्म और सम्प्रदाय में बहुत बड़ा अन्तर है, धर्म तो एक महांसागर है, तथा सम्प्रदाय उसमें छोटे-छोटे द्वीप हैं, धर्म में विशालता है, सम्प्रदाय में संकीर्णता है, धर्म सार्वर्भौम है तो सम्प्रदाय क्षेत्रीय है, जो ईश्वर को नहीं मानता उसका क्या परिणाम होता है? यह आप सब जानते हैं, ईश्वर का भय तो मानव को नैतिक बनाता है, अन्यथा उसकी नैतिकता दिखावा मात्र बनकर रह जाती है।

ईश्वर स्वयं किसी को सुख-दुख नहीं देता है, वह तो शक्ति का श्रोत है, उस शक्ति के सदुपयोग से मनुष्य सुखी होता है, तथा दुरुपयोग करने से वह दुखी होता है, यह तो मनुष्य के हाथ में है, संसार किसी को दुख-सुख नहीं देता, वह तो निरपेक्ष है, मनुष्य की विकृत मानसिकता उसमें दुःख ही देखती है, तथा स्वस्थ मानसिकता वाला इसमें आनन्द देखता है, दोनों की दृष्टि एकांगी है।

जब जीव चेतना आनन्दमय कोश में प्रवेश करती है तो उसे आनन्द की अनुभूति होती है, आनन्द की अनुभूति ही ईश्वरानुभूति है? यह सही नहीं हैं, यह आनन्दमय कोष तो ईश्वर के समीप का कोश है लेकिन यह शरीर का ही एक कोश है, ईश्वर के समीप होने से ही यहॉ आनन्द का अनुभव होता है।

कर्मों की गति स्वर्ग तक ही है, यह मुक्ति का साधन नहीं है, मुक्ति का साधन तो निष्काम भाव से किया गया पावन कर्म हैं, इस शुद्ध आध्यात्म भाव और मूर्ति में ब्रह्म भावना रखकर पूजा की जाय तो उचित है, अन्यथा वह पाषाण पूजा ही है, मूर्ति तो केवल माध्यम है, प्रतीक है।
ॐ नमः शिवाय

Sunday, 20 January 2019

ममता की रैली में कुछ शब्दों के "सन्नाटे का शोर" बहुत कुछ कह गया.


आज ममता की रैली में नेताओ के भाषण के शब्दों को खंगाला. सारांश यह निकला कि वे प्रधानमंत्री मोदी से बेहद क्षुब्द है. कहा कि मोदी ने लालू प्रसाद यादव को नहीं छोड़ा, अखिलेश यादव को नहीं छोड़ा, मायावती और मुझे भी नहीं छोड़ा, और पूछा कि फिर आप सब को क्यों छोड़ेंगे?
आरोप लगाया कि नौकरियां हैं नहीं, पर आरक्षण दे रहे हैं. नोटबंदी और GST की आलोचना की. संविधान बचाने और सेक्यूलर उसूलों को जिंदा रखने की बात की. विपक्ष से एकजुट होकर मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने की अपील की. रोना रोया कि मोदी सरकार ने किसान, गरीब, मजदूरों और दलितों को परेशान किया है. आरोप लगाया कि CBI की इज्जत को तार-तार कर दिया.

लेकिन कुछ शब्दों और मुद्दों को सुनने के लिए कान तरस गए.


पहला प्रमुख शब्द है - आतंकवाद. किसी भी विपक्ष के नेता ने यह रोना नहीं रोया कि भारत में लोग आतंकी हमले में मर रहे है, भारतीय अपने-आप को असुरक्षित समझ रहे है.
दूसरा मुद्दा विकास के बारे में है. किसी भी नेता ने यह दांवा नहीं किया कि मोदी सरकार के समय भारत की विकास दर कमजोर है तथा वे सत्ता में आकर भारत की विकास दर को बढ़ा देंगे.
तीसरा मुद्दा, महागठबंधन ने हुंकार ही नहीं भरी के वे भारत के दुश्मनो की नानी याद दिला देंगे. यह मै समझ सकता हूँ क्योकि राष्ट्र की सुरक्षा अब सुदृढ़ हो गयी है और आतंकी दुश्मन कंगाल.
चौथा मुद्दा, किसी भी नेता ने यह नहीं कहा कि वे SC एक्ट को हटा देंगे. ना ही उन्होंने यह गारंटी दी कि प्राकृतिक संसाधनों पे पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का होगा.
पांचवां, मेरा दिल कह रहा था कि शायद एक नेता तो हुंकार लगाएगा कि मंदिर वही बनाएंगे. शायद भूले-भटके ही बोल देता कि वह सत्ता में आते ही राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाएंगे. यहाँ तक कि यदुवंशी अखिलेश और तेजप्रताप ने भी मुंह सिल लिए.
छठवां, किसी ने भी जम्मू-कश्मीर समस्या को नहीं उठाया कि कैसे वह वहां के भोले-भाले, "रूठे" हुए लोगो को कौन सा लॉलीपॉप देकर मनाएंगे या 370 समाप्त कर देंगे.
सातवां, किसी भी नेता ने यह नहीं कहा कि कैसे वे भ्रष्टाचार समाप्त कर देंगे. यह भी वादा नहीं किया कि वे "निर्दोष" लालू प्रसाद यादव को जेल से रिहा कराएँगे. बेचारे जगन्नाथ मिश्रा ही चारे घोटाले में एकमात्र दोषी है और अकेले मिश्रा जी ही जेल में सड़ते रहेंगे.
आठवां, अगर GST खराब है तो सत्ता में आने के बाद उसे हटाने की बात भी नहीं की.
नौवां, सीबीआई की स्वायतत्ता कैसे बनाएंगे, इस पे भी चुप्पी साध गए? क्या सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को सीबीआई निदेशक की नियुक्ति और बर्खास्तगी वाली समिति से हटाकर स्वायतत्ता सुनिश्चित करेंगे?
अंत में, भारत के टुकड़े-टुकड़े करने वाले गैंग और नक्सलवादियों से निपटने का भी आश्वासन नहीं दिया. जैसे कि यह समस्या अस्तित्व में ही नहीं है.
मुझे पूर्ण विश्वास था कि इन मुद्दों पे अपनी स्पष्ट राय रखकर विपक्ष मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल कर सकता था.

Tuesday, 15 January 2019

कुंभ मेला 2019: ये हैं कुंभ के 14 अखाड़े, जानें क्या है महत्व

कुंभ मेला 2019: ये हैं कुंभ के 14 अखाड़े, जानें क्या है महत्व 🚩

कुंभ मेला 2019: ये हैं कुंभ के 14 अखाड़े, जानें क्या है महत्व


🚩कुंभ का मेला विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में से एक है. लाखों की संख्या में लोग इस मेले में शामिल होते हैं. कुंभ का मेला हर 12 वर्षों के अंतराल होता है. लेकिन कुंभ का पर्व हर बार सिर्फ 4 पवित्र नदियों में से किसी एक नदी के तट पर ही आयोजित किया जाता है. जिनमें हरिद्वार में गंगा, उज्जैन की शिप्रा, नासिक की गोदावरी और इलाहाबाद में जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का मिलन होता है।।🚩

क्या होते हैं अखाड़े❓


कुंभ में अखाड़ों का विशेष महत्व होता है. अखाड़े शब्द की शुरुआत मुगलकाल के दौर से हुई. अखाड़ा साधुओं का वह दल होता है, जो शस्त्र विद्या में भी पारंगत रहता है।।

क्या होती है पेशवाई❓❓🚩🙏🏻


जब कुंभ में नाचते-गाते धूमधाम से अखाड़े जाते हैं, तो उसे  पेशवाई कहते हैं. कहा जाता है कि शंकराचार्य ने आठवीं सदी में 13 अखाड़े बनाए थे. तब से वही अखाड़े बने हुए थे. लेकिन इस बार एक और अखाड़ा जुड़ गया है, जिस कारण इस बार कुंभ में 14 अखाड़ों की पेशवाई देखने की मिलेगी।।🚩

आइए जानें इन 14 अखाड़ों के बारे में🚩🙏🏻


1. अटल अखाड़ा 

👉🏻 इनके ईष्ट देव भगवान गणेश हैं. इस अखाड़े में केवल ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य दीक्षा ले सकते हैं और कोई अन्य इस अखाड़े में नहीं आ सकता है. यह सबसे प्राचीन अखाड़ों में से एक माना जाता है।।🚩

2. अवाहन अखाड़ा

👉🏻 इनके ईष्ट देव श्री दत्तात्रेय और श्री गजानन दोनो हैं. इस अखाड़े का केंद्र स्थान काशी है।।🚩

3. निरंजनी अखाड़ा

👉🏻 यह अखाड़ा सबसे ज्यादा शिक्षित अखाड़ा है. इस अखाड़े में करीब 50 महामंडलेश्र्चर हैं. इनके ईष्ट देव भगवान शंकर के पुत्र कार्तिक हैं. इस अखाड़े की स्थापना 826 ईसवी में हुई थी।।🚩

4. पंचाग्नि अखाड़ा 

👉🏻 इस अखाड़े में केवल ब्रह्मचारी ब्राह्मण ही दीक्षा ले सकते है. इनकी इष्ट देव गायत्री हैं और इनका प्रधान केंद्र काशी है.🚩

5. महानिर्वाण अखाड़ा

👉🏻 महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा का जिम्‍मा इसी अखाड़े के पास है. इनके ईष्ट देव कपिल महामुनि हैं. इनकी स्थापना 671 ईसवी में हुई थी।।🚩

6. आनंद अखाड़ा

👉🏻 इस अखाड़े की स्थापना 855 ईसवी में हुई थी. इस अखाड़े के आचार्य का पद ही प्रमुख होता है. इसका केंद्र वाराणसी है।।🚩
कुंभ मेला 2019: ये हैं कुंभ के 14 अखाड़े, जानें क्या है महत्व

7. निर्मोही अखाड़ा

👉🏻 वैष्णव संप्रदाय के तीनों अणि अखाड़ों में से इसी में सबसे ज्यादा अखाड़े शामिल हैं. इस अखाड़े की स्थापना रामानंदाचार्य ने 1720 में की थी. इस अखाड़े के मंदिर उत्तर प्रदेश, मध्या प्रदेश, गुजरात, बिहार, राजस्थान आदि जगहों पर स्थित हैं।।🚩

8. बड़ा उदासीन पंचायती अखाड़ा

👉🏻 इस अखाड़े की शुरुआत 1910 में हुई थी. इस अखाड़े के संस्थापक श्रीचंद्रआचार्य उदासीन हैं. इस अखाड़े उद्देश्‍य सेवा करना है🚩.

9. नया उदासीन अखाड़ा

👉🏻 इस अखाड़े की शुरुआत 1710 में हुई थी. मान्यता है कि इस अखाड़े को बड़ा उदासीन अखाड़े के साधुओं ने बनाया था.🚩

10. निर्मल अखाड़ा

👉🏻 इस अखाड़े की स्थापना श्रीदुर्गासिंह महाराज ने की थी, जिनके ईष्टदेव पुस्तक श्री गुरुग्रंथ साहिब हैं. कहा जाता है कि इस अखाड़े के लोगों को दूसरे अखाड़ों की तरह धूम्रपान करने की इजाजत नहीं है।।🚩

11. वैष्णव अखाड़ा

👉🏻 इस अखाड़े की स्थापना मध्यमुरारी द्वारा की गई थी.🚩

12. नागपंथी गोरखनाथ अखाड़ा

👉🏻 इस अखाड़े की स्थापना 866 ईसवी में हुई, जिसके संस्थापक पीर शिवनाथ जी हैं.🚩

13. जूना अखाड़ा

👉🏻 इस अखाड़े के ईष्टदेव रुद्रावतार दत्तात्रेय हैं. हरिद्वार में इस अखाड़े का आश्रम है. इस अखाड़े के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज हैं🚩

14. किन्नर अखाड़ा

👉🏻 अभी तक कुंभ में 13 अखाड़ों की पेशवाई होती थी, लेकिन इस बार कुंभ में किन्नर अखाड़ा भी शामिल हो चुका है. इस अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी हैं।।🚩

कैसे लगे आपको ये कुंभ मेला 2019 के ये कुंभ के 14 अखाड़े, और क्या है महत्व ये जानकर ?

🙏🏻🚩🇮🇳🏹🔱🐚🕉

Monday, 7 January 2019

10 सिंपल BEST BEAUTY TIPS पुरुषों के लिए

10 सरल beauty टिप्स पुरुषों के लिए

10 SIMPLE BEST BEAUTY TIPS FOR MEN

हम जानते हैं कि आप क्या सोच रहे हैं। " तब आपको थोड़ा सा ब्यूटी रिजीम रखना होगा। पुरुषों के लिए इन सरल ब्यूटी टिप्स के साथ, आप बिना ज्यादा काम किए अपने शरीर को खुश रख पाएंगे।

1. अपने स्किन को मॉइस्चराइज करें 

आप अपने शरीर के अंदर सभी अंगों की देखभाल करते हैं, लेकिन आप अपने सबसे बड़े अंग - आपकी त्वचा की देखभाल के लिए क्या कर रहे हैं? एक वयस्क लगभग 8 पाउंड त्वचा की देखभाल करता है, इसलिए आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि यह स्वस्थ हो। नमी आपकी त्वचा को स्वस्थ रखने का एक नंबर है। खूब पानी पिए। और अगर आपकी त्वचा अभी भी थोड़ी सूखी लगती है, तो आप शॉवर के बाद लोशन लगाएं। अपने शरीर पर अच्छी तरह से बॉडी लोशन का प्रयोग करें और अपने चेहरे की beauty के लिए एक फेस मॉइस्चराइज़र प्राप्त करें।

2. अपने चेहरे को साफ करें

अपने आपको चेहरे को धोने और साफ करने की आवश्यकता नहीं है। सिर्फ दैनिक गतिविधियों से प्रदूषण, धूल, पसीना और गंदगी आपके छिद्रों को बंद कर सकती है। दिन के अंत में, आपको अपनी skin से उस सभी प्रकार के गुन को साफ करने के लिए अपना चेहरा(face) धोने की आवश्यकता है।

क्लीन्ज़र अतिरिक्त तेल को हटाने में मदद करता है, इसलिए यदि आप मुँहासे या तेल से जूझते हैं, तो आप अपनी सुबह या रात की दिनचर्या में face beauty के लिए cleaners को जोड़ सकते है ।

3. उपयोग के लिए शैंपू का उपयोग करें

पुरुषों की खोपड़ी महिलाओं की तुलना में अलग होती है। किसी व्यक्ति की खोपड़ी में खुजली, चिढ़ होने और कुछ अवयवों के खराब रूप से प्रतिक्रिया करने की संभावना अधिक होती है। इस वजह से, पुरुषों को उनके अनुरूप बाल उत्पादों का उपयोग करना चाहिए। एक पुरुष की खोपड़ी में महिलाओं की तुलना में अधिक तेल का उत्पादन होता है, इसलिए आपको एक ऐसे शैम्पू की आवश्यकता होती है जो बालों को बिना सुखाए साफ़ कर सके। आपको अपने बालों और खोपड़ी को सुखाये बिना सुखी रखने के लिए पुरुषों के लिए बनाया गया एक शैम्पू ढूंढना होगा।

4. आप अपने चेहरे को बचाये 

शेविंग से जलन और बढ़े हुए बाल हो सकते हैं। आउच। इसके अलावा, पुरुषों की skin संवेदनशीलता के लिए अधिक प्रवण होती है, इसलिए यदि आप अपने face को तैयार करते समय शेविंग क्रीम का उपयोग नहीं करते हैं, तो आपको करना चाहिए। सुखदायक, एंटी-ऑक्सीडेंट सामग्री के साथ दाढ़ी क्रीम की तलाश करें। यदि आप शेव करते समय लालिमा के साथ मुश्किलों का सामना करते हैं, तो सुखदायक शेव क्रीम आपकी skin को बचाएगी। ध्यान दें कि हमने शेव जैल नहीं कहा है। जैल में अल्कोहल अधिक होता है, जिससे dry skin का खतरा बढ़ जाता है।

5. MEN CONDITIONER का भी उपयोग कर सकते हैं

आपने सुना होगा कि लोगों को कंडीशनर की जरूरत नहीं है। यदि आपके बाल दो इंच से कम हैं, तो आप इसका उपयोग किए बिना प्राप्त करने में सक्षम हो सकते हैं, लेकिन यदि आपके बाल लंबे हैं, तो आप निश्चित रूप से shower shelf के लिए कंडीशनर की एक बोतल जोड़ना चाहिये। कंडीशनर आपके शैम्पू स्ट्रिप्स को दूर करने वाली किसी भी नमी को वापस जोड़ देगा।

6. अपने होंठ सॉफ्ट रखें

यहाँ पुरुषों के लिए एक सरल beauty टिप है: लिप बाम का उपयोग करें! होंठों की उम्र काफी कम होती है और वे तेजी से सूख सकते हैं। एक लिप बाम फेंक दें, अधिमानतः एक sun protection के साथ, अपनी जेब में रखे और इसे पूरे दिन में use करते रहे।
10 SIMPLE BEST BEAUTY TIPS FOR MEN

7. मिनी पेय (MINIMIZE WRINKLES)

Skin को नमीयुक्त रखने के अलावा, आपका आहार कम से कम झुर्रियों( wrinkles) को बनाए रखने में मदद करेगा। पानी वाले फल और सब्जियां हाइड्रेशन के साथ मदद करते हैं, जो त्वचा को युवा बनाए रखता है। तरबूज, टमाटर, खीरे और नींबू को अपने आहार में शामिल करें। इसके अलावा अधिक गोभी खाएं। इसमें विटामिन सी और विटामिन ए होता है,ये दोनों ही लाइन (erase lines) को मिटाने में मदद करते हैं। यह रक्त को भी डिटॉक्सीफाई करता है, और गोभी में मौजूद फाइबर शरीर से अपशिष्ट और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। विषाक्त पदार्थ वास्तव में आपके चेहरे पर दिखाई दे सकते हैं, जिससे आप अपने से बड़े दिखते हैं।

8. BROW मोम की जांच करें

हम महिलाओं से टिप चुरा रहे हैं देवियों को केवल अपने eye brows को संवारना नहीं चाहिए। वास्तव में अपने चेहरे की विशेषताओं को बढ़ाने के लिए, लोगों को अपने brows को चढ़ाना और तैयार (pluck and groom) करना चाहिए। अपने आप को डुबोकर bay पर रखें। वास्तव में एक सुंदर आकार (beauty) पाने के लिए, visit a professional for a waxing.

9. अपना स्माइल (smile) कब दें

आपकी मुस्कुराहट लोगों को आपके बारे में नोटिस करने वाली पहली चीजों में से एक है। स्वस्थ, सफेद दांत न केवल अच्छे लगते हैं, बल्कि वे आपको दंत चिकित्सक के कार्यालय में समय और पैसा बचाएंगे। दैनिक आधार पर माउथवॉश को ब्रश करना, फ्लॉस करना और उपयोग करना मसूड़ों की बीमारी, गुहाओं, रक्तस्राव और संक्रमण के जोखिम को कम करता है। ये सड़क को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। यदि आप धूम्रपान करते हैं या बहुत सारी कॉफी पीते हैं, तो अपने दंत चिकित्सक से व्हाइटनिंग विकल्पों के बारे में बात करें।

10. सो जाओ (GET PLENTY OF SLEEP)

आंखों के नीचे Noticing bags? यह हो सकता है क्योंकि आपको पर्याप्त आराम नहीं मिल रहा है यानी आपकी नींद पूरी नही हो रही है। औसत adult को 7 से 9 घंटे की नींद की आवश्यकता होती है। यदि आप अभी भी अपनी आंखों के नीचे bags देख रहे हैं, तो आप अपनी आंखों पर ठंडे चम्मच रखकर पफपन को कम कर सकते हैं। इसके अलावा, लगभग 20 मिनट के लिए आंखों के नीचे रखे गए कच्चे आलू के स्लाइस काले घेरे को कम करने में मदद कर सकते हैं। वे catecholase, एक skin को हल्का करने वाले एंजाइम होते हैं।

यहां तक ​​कि अगर आप पुरुषों के लिए इन सभी ब्यूटी टिप्स (beauty tips) को अपनी दिनचर्या में शामिल नहीं कर सकते हैं, तो इनमें से कुछ को करने से आपकी त्वचा(skin), बाल(hair) और दांतों(teeth) को मदद मिलेगी। आप बेहतर दिखेंगे, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात, आप बेहतर महसूस करेंगे!

धन्यवाद !

Thursday, 3 January 2019

5 बेहतरीन नारियल खाने के फायदे और स्वास्थ्य लाभ

नारियल को health benefits के पावर-हाउस के रूप में जाना जाता है। वे प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं। विभिन्न रूप हैं जैसे कि कच्चा नारियल, नारियल तेल, नारियल का दूध, नारियल मक्खन, नारियल पानी आदि।

  

आइए जानते हैं coconut खाने के कुछ आश्चर्यजनक health benefits.
benefit of eating coconut water.


1.मधुमेह को नियंत्रित करें (Control Diabetes)


नारियल (coconut) को शरीर में इंसुलिन के स्राव में सुधार करने और रक्त शर्करा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है, जिससे मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इसके अलावा यह शरीर में रक्त शर्करा, पाचन, पोषक तत्वों और खनिजों के अवशोषण में मदद करता है।


2. रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार

नारियल को शरीर में अच्छे रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार और हृदय स्वास्थ्य में सुधार के लिए जाना जाता है। फलों में मौजूद संतृप्त वसा के उच्च स्तर के कारण नारियल इसमें प्रभावी होता है, जो शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्राकृतिक रूप से बढ़ाता है।

3. ऊर्जा स्तर बढ़ाता है (Increases Energy Levels)

नारियल ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है, जब यह शरीर में वसा को जलाने में मदद करता है और नारियल  भूख के दर्द को कम करने में मदद करता है। नारियल पुरानी थकान को कम करने में भी मदद करता है।

5. स्वस्थ हड्डियां और दांत (Healthy Bones and Teeth)

यह आपकी हड्डियों और दांतों की health में सुधार करता है, क्योंकि नारियल शरीर की मैंगनीज और कैल्शियम को अवशोषित करने की क्षमता को बढ़ाता है, इन दोनों खनिजों को शरीर द्वारा स्वस्थ हड्डियों और दांतों का निर्माण करने की आवश्यकता होती है।


5. संपूर्ण स्वास्थ्य: (Overall health)

अनुसंधान ने यह साबित कर दिया है कि जो लोग रोजाना नारियल का सेवन करते हैं, उनकी तुलना में यह स्वास्थ्यवर्धक होता है। कुछ देशों में यह एक आहार फाइबर है जिसे लोगों ने कई पीढ़ियों तक चलाया है। रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार नारियल को शरीर में अच्छे रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार और हृदय स्वास्थ्य में सुधार के लिए जाना जाता है। फलों में मौजूद संतृप्त वसा के उच्च स्तर के कारण नारियल इसमें प्रभावी होता है, जो शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्राकृतिक रूप से बढ़ाता है।

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